अगर आप किसी कहानी को 'अंतर्वासना हिंदी कहानी' की श्रेणी में रखना चाहते हैं, तो उसमें ये खूबियाँ होनी चाहिएं:

1. आत्म-संघर्ष प्रधान कथानक: बाहरी दुश्मन नहीं, बल्कि पात्र का अपना मन ही उसका सबसे बड़ा विरोधी होता है।

2. सामाजिक बंधनों का चित्रण: एक अच्छी कहानी दिखाती है कि कैसे 'लोग क्या कहेंगे' का डर इंसान की अंतर्वासना को और भी भयंकर बना देता है।

3. भाषा की संवेदनशीलता: यहाँ अश्लीलता नहीं, संवेदनशीलता काम करती है। शब्द सीधे दिल पर चोट करते हैं, शरीर पर नहीं। 'अंतर्वासना हिंदी कहानी' अश्लील साहित्य (Adult literature) नहीं है; यह मनोवैज्ञानिक यथार्थवादी साहित्य है।

4. पीड़ा और विवशता: ये कहानियाँ पाठक को बेचैन कर देती हैं, क्योंकि हर पाठक को अपने जीवन में कभी न कभी किसी न किसी रूप में अंतर्वासना ने जकड़ा है।

पात्र: एक युवा कर्मचारी (सीमा) और उसका बॉस। कथानक: ऑफिस की लेट नाइट मीटिंग धीरे-धीरे एक घनिष्ठ मुठभेड़ में बदल जाती है। विषय: सत्ता, पैसा, और आकर्षण का खेल।

रविंदर ने लड़के की बातों पर विश्वास किया। उसने पानी पिया और उसकी आँखों के सामने एक खूबसूरत सपना आया। उसे अपने पूरे गाँव को समृद्ध और खुशहाल बनाने का सपना दिखा। वहाँ लोग संगठित होकर काम कर रहे थे, और हर कोई खुश था।

लेकिन अचानक, सपना टूट गया। उसने देखा कि सफलताओं के लिए उसे मेहनत करनी होगी। जादुई पानी केवल एक शुरुआत है; असली काम तो उसे खुद करना होगा।


यदि आप स्वयं एक अच्छी antarvasana-hindi-kahani लिखना चाहते हैं, तो इन सिद्धांतों का पालन करें: