In a dystopian future where Sentinels hunt mutants to extinction, the surviving X‑Men send Wolverine’s consciousness back to 1973 to prevent the events that lead to that future. He must unite younger versions of Professor X, Magneto, and the team to stop a pivotal assassination and change history.
यह पहली फिल्म थी जिसमें मूल एक्स-मेन (पैट्रिक स्टीवर्ट, इयान मैककेलन) और नई एक्स-मेन (जेम्स मैकएवॉय, माइकल फासबेंडर) एक साथ आए। हिंदी में डब किया गया वर्जन इसे और भी मजेदार बनाता है, क्योंकि डायलॉग्स अधिक देसी अंदाज में आते हैं। x-men days of future past in hindi
कहानी एक डिस्टोपियन भविष्य (वर्ष 2023) में शुरू होती है, जहाँ विशाल रोबोट्स "सेंटीनल्स" ने लगभग पूरी मानव जाति और म्यूटेंट्स को गुलाम बना रखा है। ये सेंटीनल्स किसी भी म्यूटेंट की शक्ति को एडाप्ट करने और उसे खत्म करने में सक्षम हैं। चार्ल्स जेवियर (पैट्रिक स्टीवर्ट), मैग्नेटो (इयान मैककेलन) और अन्य जीवित म्यूटेंट्स यह पता लगाते हैं कि इस तबाही की जड़ साल 1973 में है, जब मिस्टिक (जेनिफर लॉरेंस) ने एक वैज्ञानिक की हत्या कर दी थी, जिससे सेंटीनल प्रोग्राम को बढ़ावा मिला। In a dystopian future where Sentinels hunt mutants
उनके पास एकमात्र उम्मीद है – किटी प्राइड (एलेन पेज) की शक्ति, जो किसी के चेतना को समय में पीछे भेज सकती है। इस मिशन के लिए सबसे उपयुक्त व्यक्ति है लोगान/वूल्वरिन (ह्यू जैकमैन), क्योंकि उसका हीलिंग फैक्टर समय यात्रा के दुष्प्रभावों को सहन कर सकता है। x-men days of future past in hindi
वूल्वरिन 1973 में जागता है, लेकिन अपने धातु के पंजों और एडामेंटियम कंकाल के बिना। उसका काम है – युवा प्रोफेसर एक्स (जेम्स मैकअवॉय) और युवा मैग्नेटो (माइकल फासबेंडर) को एकजुट करना और मिस्टिक को ट्रिगर इवेंट से रोकना।
हॉलीवुड की अधिकतर फिल्मों में बस विस्फोट और ठुमके होते हैं, लेकिन डेज़ ऑफ़ फ्यूचर पास्ट में दिल और दिमाग की लड़ाई है। यह फिल्म हिंदी दर्शकों को काफी कुछ देती है: